Tag: Be Reham
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यह साल की आखरी | Yeh Saal Ki Aakhri | Be Reham (1980) | hindi lyrics
दो रे में फ सो ल ति दोदो ती ल सो फ में रे दोदो ती ल सो फ में रे दोये साल की आखरी रात हैज़रा समझने वाली बात हैतू कल की कल पे छोड़ देवो गुज़रे साल की बात हैवो गुज़रे साल की बात हैवो गुज़रे साल की बात हैऐ ऐ ऐदो रे…
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तक़दीर के कलम से | Taqdeer Ke Kalam Se | Be Reham (1980) | hindi lyrics
तक़दीर के कलम सेकोई बच न पायेगा तक़दीर के कलम सेकोई बच न पायेगापेशानी पे लिखा हैवो पेश आएगामलिक ने जो लिख दिया हैवो मिट न पाये गएपेशानी पे लिखा हैवो पेश आएगावो पेश आएगा चाहने से कभी अर्जुके फूल न खिलेख़ुशी के चार दिन भीज़िंदगी मैं न मिले देखि ये प्यारकितना मजबूर हैमज़िल से…
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या हुस्न रहे या इश्क़ रहे | Ya Husn Rahe Ya Ishq Rahe | Be Reham (1980) | hindi lyrics
हुस्न एक उलटी राह हैहुस्न एक झूठी चाह है हुस्न तोह एक गुनाह हैहुस्न करता कबाब है इस हुस्न के नखरे नाजो नजाकतइस हुस्न के नखरे नाजो नजाकतइस हुस्न के नखरेओनख़रे नाजो नजाकतरोज रोज अब को आन सहीहम आज ये किस्सा खत्म करेंहम आज ये किस्सा खत्म करेंया हुस्न रहे या इश्क़ रहेहम आज ये…
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इक लब्ज़े मोहब्बत का | Ik Labze Muhabbat ka | Be Reham (1980) | hindi lyrics
इक लब्ज़े मोहब्बत काअदना सा फ़साना है इक लब्ज़े मोहब्बत काअदना सा फ़साना हैसिमटे तोह दिले आशिकसिमटे तोह दिले आशिकफैले तोह जमाना हैइक लब्ज़े मोहब्बत काअदना सा फ़साना हैइक लब्ज़े मोहब्बत का ये इश्क़ नहीं आशाइतना समजलिजी येये इश्क़ नहीं आशाइतना समजलिजी येये इश्क़ नहीं आशाइक आग का दरिया हैऔर डुबके जाना हैइक आग का दरिया हैइक लब्ज़े…
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हसीनो की दुनिया | Haseeno Ki Duniya | Be Reham (1980) | hindi lyrics
कहने को तो हम जवानियों के ख्वाब हैनाज़ो ऐडा में खेलते सबब है रंग हैगुलाब हैलाजवाब है लकिनहसीनो की दुनिया खुदगर्ज हैहसीनो की दुनिया खुदगर्ज हैइतना कहना मेरा फर्ज अहीएडवरज हैहसीनो की दुनिया खुदगर्ज हैइतना कहना मेरा फर्ज अहीएडवरज हैएडवरज है जो एक बार दिल इनसे टकराए गएवो इनको बरसो भुला पायेगाइन्हे प्यार करना बड़ा है गुनाहइन्हे…